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#IndianCulture

गौशाला आधारित टूरिज्म

भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक परंपरा और कृषि आधारित जीवनशैली के लिए जाना जाता है। इनमें गाय न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ग्रामीण जीवन की धुरी भी है। हाल के वर्षों में एक नई अवधारणा उभर रही है जिसे गौशाला आधारित…

डिजिटल पत्रकारिता में गौ-संवाद

आज के डिजिटल युग में पत्रकारिता केवल समाचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज और संस्कृति के हर पहलू को व्यापक स्तर पर सामने लाने का माध्यम बन चुकी है। भारत में गाय केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यावरणीय संतुलन और…

गौसेवा पर लघु फिल्म परियोजनाएँ

भारत में गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि “गौ माता” के रूप में श्रद्धा का प्रतीक है। ग्रामीण जीवन, कृषि, पर्यावरण और आस्था में गाय की केंद्रीय भूमिका रही है। आधुनिक समय में जब युवा पीढ़ी दृश्य माध्यमों से अधिक प्रभावित होती है, तो लघु फिल्में…

कृष्णायन का सोशल मीडिया प्रभाव: एक विश्लेषण

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया समाजिक परिवर्तन, जागरूकता और सांस्कृतिक आंदोलनों का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। इसी क्रम में कृष्णायन गौशाला और उससे जुड़े प्रयासों ने भी सोशल मीडिया को एक प्रभावशाली मंच की तरह इस्तेमाल किया है। यह केवल…

यूट्यूब व्लॉग्स से गौशाला जागरूकता में हो रहा है विस्तार

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफ़ॉर्म्स ने समाज में जागरूकता फैलाने का एक सशक्त साधन बन लिया है। इनमें यूट्यूब व्लॉग्स ने विशेष स्थान प्राप्त किया है। जहां एक ओर लोग मनोरंजन और शिक्षा के लिए यूट्यूब का सहारा ले रहे हैं,…

कृष्णायन की एक दिनचर्या: कैमरे की नजर से

हरिद्वार स्थित कृष्णायन गौशाला आज सिर्फ एक गौशाला नहीं, बल्कि गोसंरक्षण और ग्रामीण सतत विकास का जीवंत केंद्र बन चुकी है। यहाँ गायों की सेवा और देखभाल को एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक साधना माना जाता है। यदि कैमरे की नजर से कृष्णायन की एक…

सोशल मीडिया पर गौसंरक्षण अभियान कैसे चलाएँ?

गाय भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है। आज जब शहरीकरण और आधुनिकता की दौड़ में पारंपरिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है, ऐसे समय में गौसंरक्षण अभियान की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। डिजिटल युग में सोशल मीडिया सबसे…

गायों पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने का विचार

भारत में गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिकता का प्रतीक मानी जाती है। गोरक्षा और गोसंवर्धन से जुड़े विचार हजारों वर्षों से भारतीय समाज का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में गायों पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने का विचार न केवल…

स्कूलों में गौसंरक्षण की शिक्षा जरूरी क्यों?

भारत में गाय सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक, गाय की भूमिका अत्यंत व्यापक है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या आने वाली…

शहरी भारत में गौशालाओं की आवश्यकता

शहरीकरण और गौपालन की चुनौती भारत तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। बड़े-बड़े शहरों में विकास की रफ्तार ने एक ओर आधुनिक सुविधाएँ दी हैं, वहीं दूसरी ओर पशुधन प्रबंधन की समस्या भी खड़ी की है। अक्सर सड़कों पर आवारा घूमती गायें, ट्रैफिक जाम का…