गिरफ्तारी या 30 दिन की हिरासत पर पीएम, सीएम और मंत्री की कुर्सी जाएगी

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नई दिल्ली । 20 अगस्त 25 : भारतीय राजनीति में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब अगर किसी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री की गिरफ्तारी होती है या वे 30 दिन से अधिक की न्यायिक हिरासत में रहते हैं, तो उनकी कुर्सी अपने आप चली जाएगी

यह नया प्रावधान भ्रष्टाचार, आपराधिक मामलों और गंभीर अपराधों में नेताओं की जिम्मेदारी तय करने के उद्देश्य से लाया गया है। इससे राजनीति में साफ-सुथरी छवि वाले नेताओं को बढ़ावा मिलेगा और कानून के दायरे से बाहर किसी भी पदाधिकारी के बचने की संभावना खत्म हो जाएगी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियम लोकतंत्र को मजबूत करेगा और जनता का विश्वास बढ़ाएगा। हालांकि विपक्षी दलों का कहना है कि इस कानून का इस्तेमाल सत्ता पक्ष राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने के लिए कर सकता है।

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि इस फैसले से कई बड़े नेताओं पर दबाव बढ़ेगा और राजनीति में नैतिकता का स्तर ऊपर उठेगा।

तीनों बिल के बारे में जानिए

1. गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज (संशोधन) बिल 2025

केंद्र सरकार के मुताबिक, अभी केंद्र शासित प्रदेशों में गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज एक्ट, 1963 (1963 का 20) के तहत गंभीर आपराधिक आरोपों के कारण गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने का कोई प्रावधान नहीं है।

इसलिए, ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करने के लिए गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज एक्ट, 1963 की धारा 45 में संशोधन की आवश्यकता है।

2. 130वां संविधान संशोधन बिल 2025

केंद्र ने इस बिल को लेकर बताया कि संविधान में किसी ऐसे मंत्री को हटाने का कोई प्रावधान नहीं है जिसे गंभीर आपराधिक आरोपों के कारण गिरफ्तार किया गया हो और हिरासत में लिया गया हो।

इसलिए ऐसे मामलों में प्रधानमंत्री या केंद्रीय मंत्रिपरिषद के किसी मंत्री और राज्यों या नेशनल कैपिटल टेरिटरी दिल्ली के मुख्यमंत्री या मंत्रिपरिषद के किसी मंत्री को हटाने के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 75, 164 और 239AA में संशोधन की जरूरत है।

3. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025

जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 (2019 का 34) के तहत गंभीर आपराधिक आरोपों के कारण गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने का कोई प्रावधान नहीं है। जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 54 में संशोधन के बाद गंभीर आपराधिक केस में गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए मुख्यमंत्री या मंत्री को 30 दिन में हटाने का प्रावधान होगा।

ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगाने वाला बिल भी पेश होगा केंद्र सरकार लोकसभा में आज ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगाने वाला बिल भी पेश कर सकती है। कैबिनेट ने मंगलवार को ऑनलाइन गेमिंग बिल को मंजूरी दी है। इसमें ऑनलाइन मनी गेमिंग, विज्ञापन, खेल के लिए उकसाने वाले को सजा-जुर्माना या दोनों हो सकता है। तीन साल तक कैद या 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।

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