पूर्व RBI गवर्नर उर्जित पटेल बने IMF के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
नई दिल्ली। 29 अगस्त 2025 । भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। यह न केवल भारत के लिए गर्व की बात है, बल्कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में देश की भूमिका को भी और मजबूत करेगा।
उर्जित पटेल का आर्थिक योगदान
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उर्जित पटेल 2016 से 2018 तक भारतीय रिजर्व बैंक के 24वें गवर्नर रहे।
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उनके कार्यकाल में मौद्रिक नीति समिति (MPC) को और अधिक पारदर्शी बनाया गया।
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उन्होंने मुद्रास्फीति (Inflation) पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए।
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डेमोनेटाइजेशन के बाद की आर्थिक चुनौतियों को संभालने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
IMF में भूमिका
IMF विश्व की सबसे प्रभावशाली आर्थिक संस्थाओं में से एक है।
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एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर उर्जित पटेल IMF की नीतिगत निर्णय प्रक्रिया, वित्तीय सहायता कार्यक्रमों और वैश्विक आर्थिक स्थिरता से जुड़े मामलों में योगदान देंगे।
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वे विकासशील देशों के हितों को सामने रखने और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
भारत के लिए महत्व
भारत तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और IMF जैसे मंचों पर उसकी भागीदारी बहुत मायने रखती है।
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उर्जित पटेल का अनुभव और विशेषज्ञता भारत की नीतियों और विचारों को वैश्विक स्तर पर मजबूती से प्रस्तुत करने में सहायक होगी।
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यह नियुक्ति भारत की बढ़ती आर्थिक साख और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में बढ़ते प्रभाव की भी गवाही देती है।
उर्जित पटेल का शैक्षणिक और पेशेवर सफर
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उन्होंने ऑक्सफोर्ड और येल यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
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विश्व बैंक, IMF और भारतीय रिजर्व बैंक जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से जुड़े रहे।
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उन्हें वित्तीय नीतियों और अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र का गहन अनुभव है।
विशेषज्ञों की राय
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि उर्जित पटेल का IMF में शामिल होना एक गेम चेंजर साबित हो सकता है।
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उनकी कठोर लेकिन व्यवहारिक नीति-निर्माण शैली वैश्विक चुनौतियों का समाधान निकालने में सहायक होगी।
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खासकर, उभरते बाजारों, वित्तीय संकट प्रबंधन और मुद्रास्फीति नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में उनका अनुभव बेहद उपयोगी होगा।
उर्जित पटेल का IMF में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनना भारत की आर्थिक ताकत का प्रमाण है।
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यह नियुक्ति न केवल भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय जगत में नई दिशा भी देगी।
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आने वाले समय में उनके फैसलों का असर न सिर्फ IMF पर बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।
एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर उर्जित पटेल IMF में ये जिम्मेदारियां संभालेंगे
- रूटीन कामकाज: एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर IMF के रोजाना के रूटीन कामकाज देखते हैं। वे IMF के बोर्ड का हिस्सा होते हैं, जो संगठन की पॉलिसी और फैसलों को लागू करता है।
- सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व: पटेल भारत और अन्य कुछ देशों (जो उनके समूह का हिस्सा हैं) का प्रतिनिधित्व करेंगे। वे इन देशों की आर्थिक नीतियों और हितों को बोर्ड में रखेंगे।
- आर्थिक नीतियों की समीक्षा: वे सदस्य देशों की आर्थिक नीतियों का विश्लेषण करेंगे और ग्लोबल, रीजनल और नेशनल लेवल के इकोनॉमिक इम्पैक्ट पर चर्चा करेंगे।
- वित्तीय सहायता की मंजूरी: IMF से किसी देश को मिलने वाली वित्तीय मदद (जैसे कर्ज) के प्रस्तावों की समीक्षा और मंजूरी में उनकी भूमिका होगी।
- कैपेसिटी डेवलपमेंट: पटेल IMF के कैपेसिटी डेवलपमेंट के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी देखेंगे, जिसमें देशों को इकोनॉमिक पॉलिसी और फाइनेंशियल मैनेजमेंट में सहायता देना शामिल है।