RSS संवाद कार्यक्रम का तीसरा दिन: हिंदू राष्ट्र और टैरिफ जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा

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नई दिल्ली,। 28 अगस्त 2025 ।  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संवाद कार्यक्रम का आज तीसरा दिन रहा, जिसमें संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों और विचारकों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से हिंदू राष्ट्र की अवधारणा और आर्थिक नीतियों में टैरिफ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

संवाद के दौरान वक्ताओं ने कहा कि हिंदू राष्ट्र का मतलब किसी विशेष समुदाय के विरुद्ध खड़ा होना नहीं है, बल्कि यह सभी को जोड़ने वाली सांस्कृतिक और वैचारिक अवधारणा है। RSS के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह विचार भारत की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं पर आधारित है।

आर्थिक मुद्दों पर बोलते हुए कई विशेषज्ञों ने टैरिफ नीति पर अपने विचार रखे। उनका कहना था कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। सही टैरिफ संरचना से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को गति मिलेगी।

कार्यक्रम के तीसरे दिन का केंद्रबिंदु यही रहा कि राष्ट्र की प्रगति के लिए सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक आत्मनिर्भरता, दोनों का एक साथ विकास होना जरूरी है। उपस्थित लोगों ने इस विचार पर भी जोर दिया कि भारत को वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास से खड़ा होने के लिए इन दोनों पहलुओं को संतुलित करना होगा।

सभी की श्रद्धा का सम्मान करें, हिंदू राष्ट्र का सत्ता से लेना-देना नहीं

मंगलवार को कार्यक्रम के पहले दिन सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा था कि हिंदू वही है, जो अलग-अलग मान्यताओं वाले लोगों की श्रद्धा का सम्मान करे। हमारा धर्म सभी के साथ समन्वय का है, टकराव का नहीं।

उन्होंने कहा था कि पिछले 40 हजार वर्षों से अखंड भारत में रह रहे लोगों का डीएनए एक है। अखंड भारत की भूमि पर रहने वाले और हमारी संस्कृति, दोनों ही सद्भाव से रहने के पक्षधर हैं। भारत के विश्व गुरु बनने की बात पर कहा कि भारत को दुनिया में योगदान देना है और अब यह समय आ गया है।

मंगलवार को कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अनुप्रिया पटेल, भाजपा सांसद कंगना रनौत और बाबा रामदेव समेत अन्य हस्तियां शामिल हुईं थीं।

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