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Politics of Bihar

बिहार में सामाजिक न्याय और भाजपा

बिहार लोकतंत्र का केंद्र रहा है। यह बात अलग है कि पहले बिहार में लोकतान्त्रिक चेतना हुआ करती थी, पर आज वह लोकचेतना, जातीय चेतना में परिवर्तित हो गयी है। वह लोक अब जाति बन गयी है। लोक-सघर्ष अब जातीय-संघर्ष हो गया है। बिहार के लिए…

जन सुराज का यह पुनमिया कुशाल यानी पीके

यहाँ पीके यानी पुनमिया कुशाल की नहीं, बल्कि मैं प्रशांत किशोर की बात कर रहा हूँ। बिहार के सियासी लोक में इनका अवतरण हुआ है। आमिर खान की तरह यह प्रशांत किशोर भी पिछले दो साल से बिहार में भटक रहे हैं