Browsing Tag

#Cowservice

यूट्यूब व्लॉग्स से गौशाला जागरूकता में हो रहा है विस्तार

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफ़ॉर्म्स ने समाज में जागरूकता फैलाने का एक सशक्त साधन बन लिया है। इनमें यूट्यूब व्लॉग्स ने विशेष स्थान प्राप्त किया है। जहां एक ओर लोग मनोरंजन और शिक्षा के लिए यूट्यूब का सहारा ले रहे हैं,…

शहरी भारत में गौशालाओं की आवश्यकता

शहरीकरण और गौपालन की चुनौती भारत तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। बड़े-बड़े शहरों में विकास की रफ्तार ने एक ओर आधुनिक सुविधाएँ दी हैं, वहीं दूसरी ओर पशुधन प्रबंधन की समस्या भी खड़ी की है। अक्सर सड़कों पर आवारा घूमती गायें, ट्रैफिक जाम का…

क्या गौशालाओं को अधिक समर्थन मिलना चाहिए?

भारत में गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक मानी जाती है। प्राचीन समय से ही गाय को "कामधेनु" के रूप में पूजा गया है और उसकी सेवा को पुण्य का कार्य बताया गया है। वर्तमान समय में, जब औद्योगीकरण और शहरीकरण तेजी से…

तीर्थ से सेवा तक: एक महिला की गौशाला कथा

भारत की परंपरा में तीर्थयात्रा केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी नहीं होती, बल्कि यह जीवन के गहरे उद्देश्यों की ओर भी संकेत करती है। कई लोग इन यात्राओं से लौटकर समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा पाते हैं। ऐसी ही एक महिला की कहानी है, जिसने अपने…

कैसे एक NRI ने किया कृष्णायन को सहयोग

कृष्णायन गौशाला आज समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और गौसंरक्षण का एक अनोखा केंद्र बन चुकी है। यहाँ न केवल गायों की देखभाल और सेवा होती है, बल्कि ग्रामीणों, बच्चों और वृद्धजनों को भी एक नए जीवन मूल्य से जोड़ने का कार्य किया जाता है। इस महान…

गोशाला में आए बच्चों का अनुभव

भारत की संस्कृति में गाय का स्थान अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। गोशालाएँ केवल गायों की सेवा और संरक्षण का केंद्र नहीं होतीं, बल्कि यह बच्चों और युवाओं के लिए शिक्षा, संस्कार और अनुभव का एक अद्भुत स्थान भी बन जाती हैं। जब बच्चे…

प्लास्टिक मुक्त भारत और गौशालाएँ

भारत आज जिस सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौती से जूझ रहा है, वह है प्लास्टिक प्रदूषण। हर साल लाखों टन प्लास्टिक नदियों, खेतों और शहरों में जमा हो जाता है, जिससे मिट्टी, जल और वायु प्रदूषित होते हैं। प्लास्टिक के इस संकट का सीधा असर न केवल इंसानों…

कृष्णायन गौशाला की इको-फ्रेंडली पहल

भारत में गौशालाएँ केवल गायों की देखभाल और संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अब पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। हरिद्वार स्थित कृष्णायन गौशाला अपनी इको-फ्रेंडली पहलों के लिए एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत…

पर्यावरण पुनरुत्थान में गौवंश का योगदान

भारतीय संस्कृति में गौवंश केवल धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण पुनरुत्थान का भी प्रमुख आधार है। आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, ऐसे…

गोबर गैस और कार्बन उत्सर्जन में कटौती

भारत जैसे कृषि प्रधान देश में पशुपालन और गोबर का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। परंपरागत रूप से गोबर का उपयोग खाद, ईंधन और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन आधुनिक समय में इसका महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि गोबर गैस…