DGCA ने दो पायलटों को सीमा लांघने पर चेताया

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नई दिल्ली, 14 अगस्त, 2025. डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने पायलटों के ड्यूटी ऑवर्स उल्लंघन को लेकर एअर इंडिया को चेतावनी जारी की है। मामला दो इंटरनेशनल फ्लाइट से जुड़ा है। दरअसल मई में बेंगलुरु और लंदन के बीच चलने वाली दो फ्लाइट्स में पायलट ने 10 घंटे से ज्यादा विमान उड़ाया, जो नियमों के खिलाफ है।

जून में DGCA ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि DGCA से जुड़े सूत्रों ने बुधवार को बताया कि, एयरलाइंस का जवाब संतोषजनक नहीं मिला, जिसके बाद उन्हें भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी गई।

एयरलाइंस बोली- एयर स्पेस बंद होने से दिक्कत हुई थी एयरलाइंस के एक प्रवक्ता ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया, एअर इंडिया को दो लंबी दूरी की उड़ानों में रोस्टरिंग से जुड़ी समस्याओं के संबंध में DGCA का एक लेटर मिला था। हालांकि, उस वक्त बॉर्डर इलाकों में एयर स्पेस बंद होने के चलते ये दिक्कत आई थी। बाद में हमने नियमों का पूरी तरह से पालन किया।

क्या है पायलटों का 10 घंटे वाला नियम पायलटों के 10 घंटे वाले नियम की बात आमतौर पर फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) से जुड़ी है, जिसे भारत में DGCA और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ICAO / EASA / FAA जैसी संस्थाएं तय करती हैं।

10 घंटे आम तौर पर एक दिन में पायलट के अधिकतम उड़ान समय की सीमा होती है (कुछ परिस्थितियों में यह थोड़ा कम या ज्यादा हो सकती है), इसका मकसद पायलट की थकान को रोकना और उड़ान सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसमें सिर्फ हवा में बिताया समय गिना जाता है।

पायलटों को आराम की आवश्यकता उड़ान के बाद पायलट को कम से कम 12 घंटे का आराम करना जरूरी है। किसी भी पायलट को 7 दिन में अधिकतम 35 घंटे प्लेन उड़ाने का नियम है। वहीं 30 दिन में अधिकतम 125 घंटे उड़ान और 365 दिन में अधिकतम 1000 घंटे उड़ानें मिलती हैं।

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