आर्मी चीफ बोले – ऑपरेशन ‘सिंदूर’ से पाकिस्तान को मिला सीधा और स्पष्ट संदेश

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नई दिल्ली, 26 जुलाई 2025 । भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में लॉन्च किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन न केवल भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह पाकिस्तान और सीमा पार आतंकवाद को एक “सीधा और स्पष्ट संदेश” भी देता है – भारत अब सिर्फ जवाब नहीं देगा, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करेगा।

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में शुरू किया गया एक हाई-इंटेंसिटी आतंकवाद विरोधी अभियान है, जो उन इलाकों में संचालित हो रहा है जहां हाल के महीनों में आतंकी गतिविधियों में इज़ाफा देखा गया है। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने आधुनिक ड्रोन, सैटेलाइट सर्विलांस, थर्मल इमेजिंग उपकरण और विशेष कमांडो दस्तों का इस्तेमाल किया है।

ऑपरेशन के दौरान कई आतंकियों के ठिकाने तबाह किए गए हैं और दर्जनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

थलसेना प्रमुख का संदेश:
एक सैन्य समारोह के दौरान बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा,

“ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्यवाही नहीं है, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय नीति का हिस्सा है – जहां हम आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। पाकिस्तान को यह समझ लेना चाहिए कि भारत अब हर हमले का जवाब बेहद ताकत और सटीकता से देगा।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन की समयसीमा “परिस्थितियों पर निर्भर” है और जब तक इलाके से आतंक का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, तब तक यह ऑपरेशन जारी रहेगा।

पाकिस्तान को संदेश:
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है। अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने की रणनीतिक कार्रवाई माना जा रहा है। यह ऑपरेशन उस नीति का हिस्सा है जिसमें भारत अपनी सैन्य तैयारियों के साथ-साथ कूटनीतिक दबाव भी बनाए रखना चाहता है।

राजनीतिक और सामरिक विश्लेषण:
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस ऑपरेशन का नाम “सिंदूर” भारतीय संस्कृति और शक्ति का प्रतीक है, जो शांति और संघर्ष – दोनों के लिए तैयार भारत की छवि को दर्शाता है।

इस अभियान को लेकर देशभर में सेना के प्रति सम्मान और समर्थन की लहर है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत ने यह संदेश दिया है कि वह अपनी सीमाओं की सुरक्षा और आतंकी ठिकानों के खात्मे को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि भारत की सुरक्षा नीति में एक निर्णायक बदलाव का संकेत है। थलसेना प्रमुख का यह बयान स्पष्ट करता है कि भारत अब आतंकी हमलों के खिलाफ रक्षात्मक नहीं बल्कि आक्रामक रणनीति अपनाने को तैयार है – चाहे उसका स्रोत कहीं भी हो।

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