4 फैक्टर्स तय करेंगे भारत-पाकिस्तान फाइनल का रिजल्ट
नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला एशिया कप का फाइनल क्रिकेट जगत में बेहद रोमांचक माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच यह मुकाबला सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि भावनाओं, रणनीतियों और दबाव की परीक्षा भी बन जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का फाइनल चार अहम फैक्टर्स से तय होगा, जो मैच का रुख बदल सकते हैं।
फॉर्म और रिदम के लिहाज से टीम इंडिया इस समय पाकिस्तान से काफी आगे नजर आ रही है। हालांकि, पाकिस्तान की टीम में भी उत्साह और विश्वास की कमी नहीं होगी। भारत से दो मैच हारने के बावजूद पाकिस्तान ने अच्छी वापसी की और बांग्लादेश और श्रीलंका को हराकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है।
तो फाइनल में किस टीम का पलड़ा भारी रह सकता है। यह जानने के लिए हमने टूर्नामेंट में अब तक हुए मैचों को एनालाइज किया। इस एनालिसिस में चार ऐसे फैक्टर्स सामने आए जो फाइनल मैच का नतीजा तय कर सकते हैं।
फैक्टर-1: पिच और टॉस से जुड़ा कनफ्यूजन
दुबई में पिच की निर्णायक भूमिका रही है।। यहां 2018 से दुनिया की टॉप-8 टीमों के बीच 20 टी-20 मैच हुए हैं। इनमें से 15 बार चेज करने वाली टीम जीती है। कप्तानों की सोच साफ होती थी कि टॉस जीतो, बॉलिंग चुनो और मैच जीतो।पिच इस बार भी बड़ा रोल प्ले करेगी और कप्तान का पहले बैटिंग या फील्डिंग का फैसला भी डिसाइडिंग फैक्टर हो सकता है। आगे देखिए दुबई का ओवरऑल रिकॉर्ड।
फैक्टर-2: भारत की ओपनिंग जोड़ी
भारत की ओपनिंग जोड़ी अपने दम पर पाकिस्तान से मैच छीनने का दम रखती है। अभिषेक शर्मा बेहतरीन फॉर्म में हैं और सुपर-4 स्टेज में लगातार 3 फिफ्टी लगा चुके हैं। वे टूर्नामेंट के टॉप रन स्कोरर हैं और 200 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं।
अभिषेक एक एंड पर तेजी से रन बनाते हैं, वहीं दूसरे एंड पर शुभमन गिल संभलकर पारी आगे बढ़ाते हैं। वे टिककर रन बनाते हैं। दोनों पाकिस्तान के खिलाफ सेंचुरी पार्टनरशिप भी कर चुके हैं।
फैक्टर-3: पाकिस्तान की पेस बॉलिंग शाहीन शाह अफरीदी और हारिस रऊफ के रूप में पाकिस्तान के पास 2 मजबूत तेज गेंदबाज हैं। दोनों के नाम टूर्नामेंट में 9-9 विकेट हैं। हारिस ने 4 ही मैच में इतने विकेट झटक लिए, वहीं शाहीन ने 6 मुकाबले खेले हैं।
फैक्टर-4: भारत की स्पिन तिकड़ी भारत का स्पिन डिपार्टमेंट भी पाकिस्तान के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।कुलदीप पाकिस्तान के खिलाफ हर मुकाबले में एक न एक विकेट तो जरूर लेते हैं। पाकिस्तानी बैटर्स को कुलदीप और वरुण की स्पिन समझने में बहुत परेशानी हुई है। स्पिनर्स के अलावा जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन भी फाइनल के नतीजे को भारत की ओर मोड़ सकता है।
इन चार कारकों से तय होगा कि एशिया कप की ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला एक जंग से कम नहीं होगा, जिसमें हर गेंद और हर रन का महत्व होगा।